तुम सब बोलोगे कि हमलोग इसे लाइन से बहुत सारे क्राइम में फ़साना चाहते हैं। और चाह रहे हैं कि यह स्वीकार करे। लेकिन यह तो स्वीकार ही नहीं कर रहा है। तो फिर इसके ऊपर दुसरो के इच्छाओ का असर कहाँ होता है? विश्वास करो या न करो। यह सत्य है। मेरे जीवन मे सुपर नेचुरल चीजे नेचुरल रूप से घटित होते है। मुझे यह महसूस १९९७ में इंजीनियरिंग के एंट्रेंस के एग्जाम के कोचिंग ज्वाइन करने से पहले अहसास हुआ। मैं जीवन के घटनाओ को न भूलने की आदी हूँ। यानि अधिकांशतः महत्वपूर्ण घटनाये याद रहती हैं। भले ही पढाई की चीजे भूल जाये। और डेली रूटीन की चीजे भूल जाये। इसके वावजूद मैं डायरी में घटनाये नोट भी कर देता था। और बाद में ज्यादे होने पर फेकना पड़ता था। मेरे मित्र और सगे सम्बन्धी यह बोलते भी है कि पुरानी घटनाये याद कर बाल के खाल नोच रहा हूँ। जब मैं २००८ में अपना रेगुलर जॉब छोड़ा। तो सालो रूम में अकेले रहने और अपने पिछले जीवन पर ध्यान देने पर मालूम चला कि मैं कोई गलतफहमी का शिकार नहीं हूँ। बल्कि मेरे जीवन के अधिकाँश घटनाये दूसरो के इच्छाओं के आधार पर हुआ है। यह बहुत ही यूज़फूल टूल है मेरे प्रेडिक्शन में। मैंने अपने बड़े बहनोई को इसी आधार पर २००९ में बताया था कि बहुत कम ही चांस है कि मेरी शादी हो पाये। मेरे दादा का वंश मेरे पर ही खत्म होगा (मैं अपने दादा के इकलौता पोता हूँ।)। नूतन एक्ट्रेस के टीवी सीरियल 'मुजरिम हाज़िर है' जैसा हाल होगा (हालाँकि मेरे दादा किसी का लेकर नहीं मरे)। और मैंने अपने बड़े बहनोई को यह भी बताया कि मेरे ऊपर दुसरो के इच्छाओं (श्राप और बरदान) का असर बहुत होता है। इसलिए मेरी शादी जरुरी है। मेरी शादी हो जाएगी और मैं अगर सॉफ्टवेयर कंपनी खोलता हूँ तो मेरी पत्नी के इच्छाओं से सॉफ्टवेर कंपनी में काफी तरक्की होगी। सम्पति के लालच में उन्होंने मेरी शादी होने ही नहीं दिया। मैंने अपने मझले बहनोई को भी यह बात बोला तो वह बोला कि हाँ यह बात सही है। इसलिए अपनी बात दुसरे से नहीं बतानी चाहिए। नहीं तो काम विगड़ जाता है। नॉएडा में यहाँ तक मैं प्रताप जूस वाले के यहाँ जूस पीने जाता तो मैं उससे मानाने के लिए बोलता। नॉएडा में एक हज्जाम से भी मानाने के लिए बोलता था। यहाँ तक मैं हमेशा अपने पिछली और बर्तमान कुक को मानाने के लिए बोलता था। पिछली कुक की इच्छाओं की पूर्ति होती थी। जब कि इस कुक को बताता तो उल्टा होता। (जारी) अंग्रेजी संस्करण: Wishes of Others greatly affect Me अंत में, मैं सबसे महत्वपूर्ण बात यह कहूँगा कि पशु पक्षियों को मत खाओ; और उन्हें मत तंग करो। अगर गाय भैस वगैरा को पालो तो उन्हें मान दो; और उनके गले में मत रस्सी बाधो। नहीं तो अपने पतन की रफ़्तार तेज कर लिए। यह मेरे समूह विवाद सिद्धांत के आधार पर है; जो कि मैंने अपने रूम मे जिक्र किया था। (hutiaram.blogspot.in)
Thursday, December 3, 2015
मेरे ऊपर दुसरो के इच्छाओं का असर बहुत ही होता है।
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