Friday, December 11, 2015

माधुरी दीक्षित को संदेश।


Beti Paida Nahi Karoge To bahu Kahan Se laoge: Modi


तुम सब को इतना भी नहीं मालूम है कि अपनी बहन नहीं, बल्कि दूसरे की बहन चोदी जाती है। अगर अपनी ही बहन चोदना होता तो मैं जिस भोसड़े से निकला हूँ। उस भोसड़े से तीन भोसड़ाए निकली हैं। मैं उन तीनो भोसड़ाओ को चोदता। कैसे समझाऊ तुम सब को कि बहू लाने के लिए बेटी पैदा करने की कोई जरुरत नहीं है। बल्कि दूसरे के बेटी के पीछे हाथ धोकर पर जाओ। माने तो माने, नहीं तो चेहरे पर तेजाब फेक दो। यह तो तुम ही सब का आविष्कार है। भूल गए क्या? प्रयोग तो किया करते हो। लेकिन मैं इस आविष्कार का प्रयोग नहीं कर सकता। मैं तो इस यूटूब के एक यूजर, जो कि लड़की है, के अनुसार कायर बिल्ली हूँ। मैं तो सालो से अपने रेंटेड फ्लैट से बाहर नहीं निकला। 
ओह! मैं तो भूल ही गया कि तुम सब बेटीचोद के साथ बहनचोद भी हो गए हो। तुम सब के बहन चोदने वाली न्यूज़ तो प्रायः सुनने को मिलती है। 
सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि तुम सब के पास या तो बुर्का सोलुशन है या मैं सोलुशन हूँ। अगर मैं मारा, तुम सब के पास मात्र बुर्का सोलुशन बचेगा।

#StartWithTheBoys ​- A film by Vinil Mathew starring Madhuri Dixit for #VogueEmpower 


माधुरी दीक्षित! इस विडियो में तुम बोली हो, "बचपन से ही सिखाते हैं कि लड़के रोते नहीं है। शायद बेहतर होगा कि हम सिखाये कि लड़के रुलाते नहीं हैं।"।

माधुरी दीक्षित! तो तुम यह चाहती हो कि यह नहीं सिखाया जाये कि लडके रोते नहीं हैं; और तुमने किसी पुरुष को रोता देखना चाहा। जैसा कि मैंने अपने दुसरे ब्लॉग में लिखा है कि दुसरो के इच्छाओ का मेरे ऊपर बहुत असर होता है। विश्वास करो या न करो। लेकिन यह सुपरनैचुरल चीज नेचुरल रूप से मेरे जीवन में घटित होता है। तुम्हारे इच्छाओ की पूर्ति हुई। और जिस कैंपेन (बेटी पैदा नहीं करोगे तो बहु कहाँ से लाओगे : मोदी) में तुम गयी थी। उसी कैंपेन के न्यूज़ विडियो पर मैंने कमेंट किया। जिसे देख कर सवा बिल्लिओन्स बोले कि यह क्राई के तर है। ई मोदी के लिट करे ला (Yah cri ke tar hai. E modi ke lit kare la)। यानि यह रोता ही रहता है। और इसने मोदी को लिट करता है। तुम सवा बिल्लिओन्स ने मेरे मौत की साजिस रचा। अब समझ गयी कि बचपन से यह क्यों सिखाया जाता है कि लडके रोते नहीं है। 

माधुरी दीक्षित! तो तुम यह भी चाहती हो कि यह सिखाया जाये कि लडके रुराते नहीं हैं। क्या मैंने किसी लड़की को रुलाया? मैंने सत्यमेव जयते के विडियो पर सत्य बोला कि औरतो के ऊपर ये सब क्राइम हो रहे हैं; और उन सारे क्राइम को दूर कर दूंगा। इस पर तुम सवा बिल्लिओन्स के ४९% औरते रो पड़ी। और मेरे अगेंस्ट साजिस रचा। झूठमुठ का रोना तो औरत जाति का नेचर में होता है। क्यों लड़को को सिखाया जाये कि लडके रुराते नहीं हैं?

माधुरी दीक्षित! एक और मजेदार बात यह है कि नरेन्द्र मोदी मेरे हित की बात कर रहे थे; न कि तुम औरतो के हित की। पहले जो तुम औरतो के हित की बात नहीं करता/करती था। मैं उसे आप नहीं बोलता था। जब से तुम औरते मेरे अगेंस्ट साजिस रची। तब से मेरा दिल तुम सब पर से टूट गया। और मैं उसका सम्मान करता हूँ जो कि मेरे हित के बारे में बात करता है। इसलिए अब मई नरेन्द्र मोदी के सम्मान कर रहा हूँ। 

माधुरी दीक्षित! एक और मजेदार बात यह है कि मैं उस कमेंट में रोया नहीं था। बल्कि ब्यंग कर के सामाजिक खामियों को दिखा रहा था। रोना तो मैं तुम सवा बिल्लिओन्स के ४९% औरतो के द्वारा मेरे प्रति साजिस के बाद स्टार्ट किया हूँ। अब मैं बताया हूँ कि तीन साल मैं तुम सब के हित के लिए प्रस्ताव रखने में गुजारा। और अपना सारा बैंक बैलेंस ख़त्म किया और तुम औरतो ने मेरे साथ क्या क्या अत्याचार किया। 

माधुरी दीक्षित! एक और मजेदार बात यह है कि इस पुरे प्रकरण में एक चीज सामने निकल कर आया कि औरत जाति का भला करना पाप होता है। जो औरत जाति का भला करना चाहता है। उसके प्रति औरते चुपके से षड़यंत्र रचती हैं। और अंत में वह भूखो मरता है। परिवार स्तर पर पर मेरे दादा इसके उदाहरण हैं और सवा बिल्लिओन्स स्तर पर मैं उदाहरण बनूगा। 

माधुरी दीक्षित! अब सफ़ेद नीला कपड़े नहीं बल्कि काला नीला कपड़े पहनो। अब तो मेरा बिगड़ चुका है।  

अंग्रेजी संस्करण:
Message to Madhuri Dixit

अंत में, मैं सबसे महत्वपूर्ण बात यह कहूँगा कि पशु पक्षियों को मत खाओ; और उन्हें मत तंग करो। अगर गाय भैस वगैरा को पालो तो उन्हें मान दो; और उनके गले में मत रस्सी बाधो। नहीं तो अपने पतन की रफ़्तार तेज कर लिए। यह मेरे समूह विवाद सिद्धांत के आधार पर है; जो कि मैंने अपने रूम मे जिक्र किया था। 

(hutiaram.blogspot.in)

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