Thursday, December 3, 2015

या तो मैं पागल हूँ या तुम सवा बिल्लिओन्स पागल हो।


मुझे तुम लोगो के तौर तरीके ही नहीं समझ में आता है। जैसे कि-

१. तुम सवा बिल्लिओंस में से कुछ मुझे मेरे रूम में मॉनिटर करते हैं; और मेरे बारे में अफवाह फैलाते हैं। जब कि तुम सवा बिल्लिओन्स उनके बातो पर विश्वास करते हो मेरे पब्लिक स्टेटमेंट यानि मेरे ब्लॉग पोस्ट को नहीं पढ़ते हो। (तुम सवा बिल्लिओन्स झूठ पर उतर आओ; और बोलो कि हम नहीं मॉनिटर करते हैं; तो मैं क्या कर सकता हूँ?)

२. मैंने तुम सवा बिल्लिओन्स को चैलेंज किया था क्राइम दूर करने के लिए; न कि यह साबित करने के लिए कि या तो मैं पागल हूँ या तुम सवा बिल्लिओन्स पागल हो। जब कि तुम सवा बिल्लिओन्स मुझे पागल साबित करने में भिड़े हो। आखिर तुम सवा बिल्लिओन्स को मिलेगा क्या यह साबित कर के?

३. मैं बोलता हूँ कि मैं विश्वामित्र हूँ, न विश्वास हो तो मेरे मित्रो से पूछ लो। जब कि तुम सवा बिल्लिओन्स में से कुछ को यह बात खल गया; और वे मेरे बारे में अफवाह फैलाये; और तुम सवा बिल्लिओन्स बिना मुझसे बात किये उनके बात मान कर मुझसे चुपके दुश्मनी मोल ले कर मेरे अगेंस्ट साजिस रच डाला। 

४. (जारी)

अंग्रेजी संस्करण:
Either I'm mad OR you 1.25 billions are mad

अंत में, मैं सबसे महत्वपूर्ण बात यह कहूँगा कि पशु पक्षियों को मत खाओ; और उन्हें मत तंग करो। अगर गाय भैस वगैरा को पालो तो उन्हें मान दो; और उनके गले में मत रस्सी बाधो। नहीं तो अपने पतन की रफ़्तार तेज कर लिए। यह मेरे समूह विवाद सिद्धांत के आधार पर है; जो कि मैंने अपने रूम मे जिक्र किया था। 

(hutiaram.blogspot.in)

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