रेगुलर जॉब के दौरान मेरी सगाई टूटने पर मैं घर छोड़ दिया। इसलिए रेगुलर जॉब छोड़ने के बाद मैं घर नहीं गया; और नोएडा में ही रुक गया। चूँकि मैं इन्टरनेट पर काम करता था; और मैं अपने किराये के फ्लैट से बाहर नहीं निकलता हूँ; और ऊपर से अपने फ्लैट के दरवाजे को बाहर से लॉक रखता हूँ। जैसा रूम में रहता हूँ, वैसा रूम तो मेरे बहुमंजिली घर में भी है; मैं अपने घर पर भी इन्टरनेट पर काम कर सकता था। ऐसे मेरे टाउन में इलेक्ट्रिसिटी नोएडा की तरह बराबर नहीं होती है। लेकिन मेरे घर इन्वर्टर है। इसलिए नोएडा मेरे लिए बिलकुल ही स्पेशल नहीं है। २००३ में, मेरे PNB बैंक अकाउंट में ढाई लाख रुपये थे; जो कि मेरे दादा मेरे नाम छोड़े थे। उस समय पूर्वी दिल्ली के पांडव नगर में ढाई लाख में फ्लैट मिल जाते थे। उस समय जादूगर सुजान भाई साहब तीन लाख में एक फ्लैट लिया था। आज मेरे कमाई के पैसे के साथ वे सारे पैसे खत्म हो गए। मैंने इन्टरनेट पर इंडियन न्यूज़ एजेंसी को कांटेक्ट किया। उन्होंने मेरे मेसेज को पढ़ कर स्पैम घोषित किया। लेकिन वे कोई कार्यवाही नहीं किये। तब मैं इन्टरनेट पर संसार के न्यूज़ एजेंसी को कांटेक्ट कर रहा था। चूँकि तुम सब मेरे इन्टरनेट एक्टिविटी को मॉनिटर कर रहे हो। तुम सब में मेरी मकान मालकिन मुझे यह रोकवाने के लिए फोन किया। मैं उनसे बात करना नहीं पसंद करता हूँ। अपने कुक के माध्यम से बात करता हूँ। लेकिन मैंने फ़ोन रिसीव किया। वो बोली, "तू चिंता मत कर। तू जैसे आया है; वैसे ही यहाँ से जायेगा।"। उनका यह कहना था कि मैं सारा पैसा दिल्ली, मोहाली और नॉएडा में कमाया हूँ। कैसे समझाऊ इन लोगो को कि मैं पैसे इन लोगो से नहीं; बल्कि विदेशी कंपनी से कमाया हूँ। यानि मोहाली वाले पंजाबी मुझे पैसे नहीं; बल्कि USA के एक कंपनी ने मेरे काम करने के बाद ही मुझे पैसे दिए। दिल्ली में भी जापानी कंपनी मेरे काम करने पर ही दी। इसके अलावा मैं १०,००० रु दिल्ली वाले के कंपनी (Mindmill Software) से कमाया था। और मैं ७५,००० रु दिल्ली वाले के कंपनी (Artech Infosystems) से कमाया था। देशी हो या विदेशी हो। मैंने इतना पैसा नहीं कमाया कि फिर से मैं कभी भी पूर्वी दिल्ली के पांडव नगर में एक फ्लैट खरीद सकूँ। दिल्ली में आज से १२ साल पहले आया था। तब मैं जवान था। आज मैं बूढ़ा हो गया हूँ। यहाँ तक चार साल पहले इस फ्लैट में आया था; तो तब भी मैं जवान था। मैं अपने hutia Ram के प्रोफाइल में साल २०१३ में लेटेस्ट फोटो लगाया था; जो कि मैंने लैपटॉप के कैमरा से लिया था। जब से मुझे तुम लोगो के साजिस का मालूम चला। तो इस एक महीने में इतना बूढ़ा हुआ हूँ। जितना कि मैं पाँच साल में नहीं होता। फिर किस आधार पर मेरी मकान मालकिन बोली कि जैसे आये हो वैसे ही यहाँ से वापस जाओगे? मैं यहाँ नोएडा में अपने रूम में अकेले राम कथा बकता था। यहाँ के लोग वह राम कथा चुपके से सुने; और वे उनको बताया जो कि केवल लंका युद्ध के दौरान खलनायक थे; और उन्होंने कई बार पुनर्जन्म भी लिया; और उनके पापो का हिसाब भी अगले जन्म में हुआ; और वे इस वक्त पुनर्जन्म लिए है। अब वे मुझे मारने काटने पर लगे हैं। मैंने तो यह भी बोला था कि मनुष्य के एक जन्म की सजा दुसरे जन्म में न समाज शिकायत कर के दे सकता है, न कि कानून (राजनीतिक) प्रणाली दे सकती है। यहाँ तक मुझे भी अहसास हुआ कि मैं दुबारा उनका नाम नहीं लूँगा। यहाँ अपने ब्लॉग पर बिल्कुल ही नहीं लूँगा। अन्यथा वे मेरे ब्लॉग को डिलीट करवा देंगे। ये नॉएडा वाले मेरी बात चुपके से सुने और सुनते है। इनके द्वारा मेरे कंप्यूटर पर रूटकिट इन्सटाल्ड है। लेकिन जब मैं अपने सफाई के लिए अपने ब्लॉग के प्रिंटआउट इन्हें थमाता हूँ; तो ये नहीं लेते हैं। अगर मुझसे बोला जाता कि नोएडा छोड़ दो; तो मैं नोएडा छोड़ कर कही और चला गया होता। लेकिन मेरे पैसे ख़त्म होने पर मेरी कमाई रोकवाई गयी। मैं कही भी जाऊंगा तो किराया तो पे करूँगा ही; और खाना तो खाऊंगा ही। यह साफ़ साफ़ मुझे भूखो मारने की साजिस है। मैं अपने दादा के वंश को बचाने के लिए सिंगापुर जॉब ऑफर ठुकरा दिया। शादी के लिए बैठ कर ठंडे दिमाग से सोचने के लिए मैंने रेगुलर जॉब छोड़ दिया। अब नोएडा वालो के चुपके से मेरे राम कथा सुनकर उन्हें बताने से मैं अपने जान से हाथ धो बैठुगा। अब मैं महसूस करता हूँ कि मुझे सिंगापुर जाना छोड़ना चाहिए था या नहीं चाहिए था; लेकिन रेगुलर जॉब छोड़ने के बाद मुझे नोएडा जरुर छोड़ना चाहिए था। इस पोस्ट से जुड़े पोस्ट: १. <> अंग्रेजी संस्करण: Is Noida Special for Me? अंत में, मैं सबसे महत्वपूर्ण बात यह कहूँगा कि पशु पक्षियों को मत खाओ; और उन्हें मत तंग करो। अगर गाय भैस वगैरा को पालो तो उन्हें मान दो; और उनके गले में मत रस्सी बाधो। नहीं तो अपने पतन की रफ़्तार तेज कर लिए। यह मेरे समूह विवाद सिद्धांत के आधार पर है; जो कि मैंने अपने रूम मे जिक्र किया था। (hutiaram.blogspot.in)
Saturday, December 26, 2015
नोएडा मेरे लिए क्या स्पेशल है?
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