पाखंडी न होने का एक पहचान यह है कि मैं हमेशा तुम सब को अपने बातो के मतलब को समझाने के लिए तैयार हूँ; जिस बात में तुम सब को मैं पाखंडी लगता हूँ। पाखंडी होने के पहली पहचान तुम सब का मुझे जबाब नहीं दे पाना है। मेरे मरने के बाद ही तुम सब मेरा जबाब दोगे या जब मैं जबाब देने लायक नहीं रह जाऊंगा। पाखंडी होने के दूसरी पहचान तुम लोगो में से किसी को मुझसे बात तो करना है। लेकिन वह जबाब नहीं, बल्कि कुछ अपने मन से मेरे बारे में गलत कल्पना कर के मुझे गाली देकर बात दूसरे दिशा में मुड़ाना है। उदाहरण तौर पर जब औरतो के अगेंस्ट क्राइम दूर करने के लिए प्रस्ताव रख रहा था; तो तुम लोगो में से आकांशा प्रसाद मुझसे बात की। आकांशा प्रसाद बोली कि उसने बहुत सारी औरतों के समस्या का समाधान की है। मैं शुरू से अंत तक उस लड़की से यह जानने के प्रयास में था कि उसने जो बहुत सारी औरतो के समस्या की समाधान की है; उन औरतो में से किसी भी एक औरत की उसने क्या सहायता की। वह लड़की एक एक कर के बहुत सारे शर्त रखती गयी। और मैं एक एक कर के उसके हर शर्त को मानने के लिए तैयार हो गया। जैसे कि १. मोबाइल पर बात करना; जो कि शुरू में मैं उसे अपने जान की खतरा बताते हुए मोबाइल नंबर देने से इंकार कर दिया था। २. मैं कौन हूँ? इसके लिए मैं अपने पुरे लाइफ का वेरिफिकेशन कराने के लिए तैयार हो गया। ३. उसके बुलाने पर उसके पास किसी को अपने तरफ से भेजने के लिए मैं तैयार था। फिर भी काम नहीं बना। और लग गया कि लड़की टाल रही है। आकांशा प्रसाद इन सारी बातो के दौरान मेरे बारे में गलत कल्पना कर के मुझे गाली भी बकती रही। जैसे कि वो बोली कि मैं कायर बिल्ली, पाखंडी, रोड छाप इडियट, अपने आप को झूठमुठ के हाईलाइट होने वाला वगैरा हूँ। इसके अलावा मेरे और उसके वार्तालाप के बीच में उसने बेकार के टॉपिक भी डाला। और अंत में लग गया कि लड़की पाखंडी है। ऐसे तुम सवा बिल्लिओंस में सबसे बड़े पाखंडी का उदाहरण गांडी का दिया जा सकता है; वही जो तुम सब का बाप है। मेरे दूसरे पोस्ट 'मैंने सबका भला चाहा।' में गांडी कैसे पाखंडी है, जिक्र किया हूँ। (जारी) अंग्रेजी संस्करण: Identification of Hypocrite अंत में, मैं सबसे महत्वपूर्ण बात यह कहूँगा कि पशु पक्षियों को मत खाओ; और उन्हें मत तंग करो। अगर गाय भैस वगैरा को पालो तो उन्हें मान दो; और उनके गले में मत रस्सी बाधो। नहीं तो अपने पतन की रफ़्तार तेज कर लिए। यह मेरे समूह विवाद सिद्धांत के आधार पर है; जो कि मैंने अपने रूम मे जिक्र किया था। (hutiaram.blogspot.in)
Wednesday, December 16, 2015
पाखंडी की पहचान
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