अर्ज करता हू मेरी शायरी - ४०% अपराध भारतीय कानून लेके आयी है, ३०% कानून भारतीय सिनेमा उद्योग लेके आयी है। मै ये दावा यूटूब पर किया करता हू, और लोग मुझे पागल समझा करते है। या तो मै पागल हू, या ये सवा बिल्लिओंस पागल हैं। अंत में, मै वही अर्ज करता हू, जहा पे ये अप्लाई होता है। बस एक सेमिनार का आयोजन करो। मै सभी के सोच बदल दूँगा। मै पाच साल से अपने किराये के मकान में बंद होकर सड़ रहा हू। मेरे जीने का कोई सेंस नहीं है। बस मै ये चाहता हू। मरने से पहले सारे के सारे अपराधो की पहेली सुलझा दूँगा। शरद केलकर! अंत में तुमने एक प्रश्न पूछा है। मै तुम्हारे सारे प्रश्नों का उत्तर दूँगा। बस एक सेमिनार का आयोजन करो। जिसमे सारे लोगो के प्रश्नों का उत्तर दूँगा। और इन अपराधो को भी खत्म कर दूँगा।कर भला, हो बुरा
Monday, May 20, 2013
Shaitaan - A Criminal Mind - 19th May 2013 - Full Episode HD)
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